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'बॉर्डर 2' और मेजर होशियार सिंह की वीरता

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KIRTI

Jan 15, 2026 36
'बॉर्डर 2' और मेजर होशियार सिंह की वीरता

 बॉर्डर 2 (बैटल ऑफ बसंतर)

पात्र:

  • मेजर होशियार सिंह दहिया (वरुण धवन द्वारा अभिनीत)
  • सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल (अगास्त्य नंदा द्वारा अभिनीत)
  • भारतीय सैनिक (3 ग्रेनेडियर्स)
  • पाकिस्तानी ब्रिगेड कमांडर
  •  बसंतर नदी के पास भारतीय खेमा - रात का समय (15 दिसंबर, 1971)

(पृष्ठभूमि में भारी गोलाबारी की आवाज़ें आ रही हैं। मेजर होशियार सिंह अपने सैनिकों के साथ नक्शा देख रहे हैं।)

मेजर होशियार सिंह: (गंभीर स्वर में) हमें 10 बजे तक बसंतर नदी पार करनी है। दुश्मन ने जरपाल गांव के चारों तरफ बारूदी सुरंगें (minefields) बिछा रखी हैं। हमारे पास सुबह होने तक का समय है—पुल बनाना है ताकि हमारे टैंक अंदर आ सकें और जरपाल पर हमारा कब्जा हो।

सैनिक: सर, रास्ता बहुत मुश्किल है, दुश्मन की नजरें हम पर ही हैं।

मेजर होशियार सिंह: मुश्किल है, नामुमकिन नहीं। रात 12 बजे तक जरपाल हमारा होना चाहिए। आगे बढ़ो!

 जरपाल का मैदान - सुबह का समय (16 दिसंबर, 1971)

(भारतीय सेना ने कब्जा कर लिया है, लेकिन तभी पाकिस्तानी टैंकों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है।)

मेजर होशियार सिंह: (चिल्लाते हुए) दुश्मन हमला कर रहा है! अपनी पोजीशन लो!

(टैंकों के बीच भीषण युद्ध होता है। मेजर घायल हो जाते हैं लेकिन वे पीछे हटने से इनकार कर देते हैं।)

रेडियो पर संदेश: सर, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल शहीद हो गए हैं।

मेजर होशियार सिंह: (दुख और गुस्से में) अरुण की शहादत बेकार नहीं जाएगी! आज ये पाकिस्तानी यहाँ से वापस नहीं जाएंगे।

 

 युद्ध का मैदान - दोपहर और शाम (16 दिसंबर)

(पाकिस्तानी सेना बार-बार हमला करती है, लेकिन मेजर होशियार सिंह डटे रहते हैं।)

मेजर होशियार सिंह: (घायल अवस्था में मुस्कुराते हुए) "इन्होंने (पाकिस्तानियों ने) बड़ी मार खाई है।" हमने उनके 300 से ज्यादा सैनिक ढेर कर दिए हैं। जरपाल हमारा है और हमारा ही रहेगा!

 युद्धविराम - (18 दिसंबर, 1971)

सफेद झंडा लिए एक पाकिस्तानी ब्रिगेड कमांडर मैदान में आता है। मेजर होशियार सिंह घायल हालत में जमीन पर लेटे हैं।

पाकिस्तानी कमांडर: हम अपने शहीद सैनिकों के शव लेने आए हैं। हम पीछे हट रहे हैं। (मेजर की तरफ देखकर) आप बहुत बहादुरी से लड़े, मेजर।

 समापन 

(नई दिल्ली में एक विशेष समारोह का दृश्य। राष्ट्रपति वी.वी. गिरी मेजर होशियार सिंह को 'परमवीर चक्र' से सम्मानित कर रहे हैं।)

 मेजर होशियार सिंह दहिया, जिन्होंने घायल होने के बावजूद 3 ग्रेनेडियर्स का नेतृत्व किया और भारत को एक ऐतिहासिक जीत दिलाई।

 मेजर होशियार सिंह 1988 में सेना से सेवानिवृत्त हुए और 1998 में उनका निधन हुआ। उनकी वीरता आज भी अमर है।)

कट टू ब्लैक।

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