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Border 2' का बॉक्स ऑफिस पर धमाका

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KIRTI

Jan 24, 2026 41
Border 2' का बॉक्स ऑफिस पर धमाका

मनोरंजन जगत की बड़ी खबर के साथ मैं हूँ आपके साथ। सन्नी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'Border 2' ने सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है और पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 23 जनवरी को रिलीज हुई यह फिल्म 1997 की क्लासिक फिल्म 'Border' का सीक्वल है।

 

 अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने भारतीय दर्शकों के दिलों को फिर से जीत लिया है। फिल्म में सन्नी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। सूत्रों और 'Sacnilk' की रिपोर्ट के अनुसार, 'Border 2' ने अपने पहले दिन भारत में लगभग 30 करोड़ रुपये (net) का शानदार कलेक्शन किया है, जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन 35 करोड़ रुपये के करीब पहुँच गया है।

 

 फिल्म की सफलता का अंदाजा इसकी एडवांस बुकिंग से ही लग गया था, जहाँ इसने लगभग 17 करोड़ रुपये की प्री-सेल दर्ज की और देशभर में 4 लाख से ज्यादा टिकट बेचे। अगर हम ऑक्यूपेंसी (Occupancy) की बात करें, तो फिल्म की शुरुआत सुबह के शोज में थोड़ी धीमी रही, लेकिन रात के शोज तक यह 48.06% तक पहुँच गई।

यह फिल्म न केवल एक हाई-ऑक्टेन देशभक्ति ड्रामा है, बल्कि यह सैनिकों के मानवीय पक्ष, उनके रिश्तों और दोस्ती पर युद्ध के प्रभाव को भी संवेदनशीलता से दिखाती है। आलोचकों का मानना है कि दिलजीत दोसांझ ने इस फिल्म में जान फूंक दी है।

 

भूषण कुमार और जे.पी. दत्ता द्वारा निर्मित इस फिल्म में मोना सिंह और सोनम बाजवा भी अहम किरदारों में हैं। ट्रेड एनालिस्ट्स की मानें तो रिपब्लिक डे वीकेंड के चलते यह फिल्म अपने पहले वीकेंड में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है। बॉलीवुड के टॉप 30 सबसे बड़े ओपनर्स की लिस्ट में शामिल होकर, 'Border 2' ने हालिया रिलीज 'धुरंधर' और 'सैयारा' जैसी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है।

आज के लिए बस इतना ही। मनोरंजन की अन्य खबरों के लिए जुड़े रहिये हमारे साथ।

 

बॉर्डर 

1997 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म ब्लाकबस्टर युद्ध फ़िल्म है जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है।

इस फिल्म की कहानी एक सत्य घटना से प्रेरित है। इस फिल्म में 1971 के भारत-पाक युद्ध के समय लड़े गए लोंगेवाला का युद्ध को विस्तार से समझाया गया है। फिल्म की कहानी 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान की लड़ाई से प्रेरित है जहाँ राजस्थान के लाँग्वला पोस्ट पर 120 भारतीय जवान सारी रात पाकिस्तान की टाँक रेजिमेण्ट का सामना करते हैं।

फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध के एलान से पहले के दृश्य से शुरू होती है जहाँ मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी (सनी देओल) को 120 जवानों के साथ लोनगेवाला पोस्ट पर भेजा जाता है। वही दूसरी तरफ मेजर बाजवा (जैकी श्रॉफ) को जैसेलमेर में हवाई बेस बनाने का आदेश मिलता है। फिल्म आगे बढ़ते हुए जवानो के परिवारों की कहानी सुनाती है जहाँ धरमवीर (अक्षय खन्ना) की अन्धी माँ है और उसकी (धरमवीर की) शादी होने वाली है, भैरव सिंह (सुनील शेट्टी) की सुहाग रात है, रतन सिंह (पुनीत इस्सर) के माता-पिता उसकी राह देख रहे हैं, मथुरा दास की पत्नी बीमार है और उसे छुट्टी चाहिए और कुलदीप सिंह की पत्नी उसके तबादले के लिए ज़ोर लगती है। फिल्म अलग अलग जगह से आए जवानो के बीच बनते रिश्तो पर भी नज़र डालती है।

अन्तराल से पहले सभी पात्रों के परिचय के बाद फिल्म युद्ध पर केन्द्रित होती है जिसे बेहतरीन तरीके से पेश किया गया है। फिल्म की पटकथा दर्शकों को बाँधे रखती है और युद्ध के शुरू होने से पहले के संवाद दर्शकों में नयी जान डाल देती है। फिल्म का संगीत बेहद प्रेरित करने वाला है और दर्शकों ने बेहद पसन्द किया है। गाने एक फौजी के जीवन की दास्तान बयान करते हैं। हालाँकि बीच में फिल्म में प्रेम कहानी डालकर फिल्म को थोड़ा खींच दिया गया है जिससे दर्शक ऊब से जाते हैं पर शुरुआत और अन्त दर्शकों को बाँधे रखता है। फिल्म का अन्त दुखद दृश्य पेश करता है और एक सन्देश भेजने की कोशिश करता है।

 

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