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क्या कड़ाके की ठंड में पेड़ सच में फटते हैं?

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KIRTI

Jan 22, 2026 • 47 Views

क्या कड़ाके की ठंड में पेड़ सच में फटते हैं?

क्या कड़ाके की ठंड में पेड़ सच में फटते हैं?

 क्या आपने सुना? जब तापमान शून्य से बहुत नीचे गिर जाता है, तो लोग अक्सर 'फटते हुए पेड़ों' की बात करते हैं,। सोशल मीडिया पर मौसम विज्ञानी चेतावनी देते हैं कि -20 डिग्री फ़ारेनहाइट से कम तापमान में पेड़ अचानक फट सकते हैं, जिससे घरों और बिजली की लाइनों को खतरा हो सकता है। लेकिन क्या ये पेड़ वाकई किसी बम की तरह फटते हैं?

असलियत यह है कि यह घटना 'एक्सप्लोजन' से ज़्यादा 'क्रैकिंग' यानी फटने जैसी है। जब तापमान 32 डिग्री से नीचे जाता है, तो पेड़ों के अंदर का रस (sap) जमने और फैलने लगता है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं जैसे फ्रीज़र में बहुत देर तक रखी पानी की बोतल फट जाती है।

जब ठंड बहुत ज़्यादा (-20 डिग्री या उससे कम) हो जाती है, तो पेड़ की बाहरी छाल अंदरूनी छाल की तुलना में तेज़ी से सिकुड़ती है। इस तनाव के कारण बाहरी हिस्सा ज़ोरदार आवाज़ के साथ फट जाता है, जो बंदूक की गोली जैसी सुनाई देती है,।

 

यह कोई नई बात नहीं है। 1683 और 1837 की भीषण ठंड में भी वैज्ञानिकों ने ओक और अखरोट जैसे पेड़ों के फटने का वर्णन किया था। यहाँ तक कि लकोटा (Lakota) जनजाति के लोग अपने कैलेंडर के एक हिस्से को 'कन्न्पोपा वि' (Cannápopa Wi) कहते हैं, जिसका अर्थ है "वह चंद्रमा जब पेड़ ठंड से चटकते हैं"

 पोलर वोर्टेक्स (Polar Vortex) :

 यह सब पोलर वोर्टेक्स (Polar Vortex) के कारण होता है। यह आर्कटिक के ऊपर घूमने वाली ठंडी हवा का एक घेरा है, जो कभी-कभी दक्षिण की ओर खिसक आता है,। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक की बर्फ पिघल रही है, जिससे ऐसी घटनाएं अब पहले से ज़्यादा हो रही हैं।

पोलर वॉर्टेक्स पृथ्वी के ध्रुवों (उत्तर और दक्षिण) के ऊपर मौजूद बेहद ठंडी हवाओं का एक विशाल घेरा होता है। यह आमतौर पर ऊँचाई पर, वायुमंडल की स्ट्रैटोस्फियर और ट्रोपोस्फियर परतों में घूमता रहता है।

पोलर वॉर्टेक्स कैसे बनता है?

ध्रुवीय क्षेत्रों में सूरज की रोशनी कम पड़ती है, जिससे वहाँ का तापमान बहुत गिर जाता है।

इस अत्यधिक ठंड के कारण ठंडी हवा ध्रुवों के आसपास इकट्ठा होकर तेज़ी से घूमने लगती है।

यही घूमती हुई ठंडी हवा पोलर वॉर्टेक्स कहलाती है।

 सुरक्षा निर्देश और निष्कर्ष :

हालांकि पेड़ों का फटना डरावना लग सकता है, लेकिन असली खतरा कड़ाके की ठंड से है,। यहाँ सुरक्षित रहने के कुछ तरीके दिए गए हैं:

  1. सुरक्षात्मक कपड़े पहनें: जितनी ज़्यादा ठंड हो, उतने ही ज़्यादा कपड़ों की परतें पहनें।
  2. गाड़ी का ध्यान रखें: यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो ईंधन की टंकी कम से कम आधी भरी रखें ताकि फंसने पर आप गर्म रह सकें।
  3. बाहर कम समय बिताएँ: -15 डिग्री की हवा में केवल 30 मिनट में फ्रॉस्टबाइट (frostbite) हो सकता है।
  4. पावर कट के लिए तैयार रहें: जनरेटर का उपयोग करते समय सावधानी बरतें ताकि कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता से बचा जा सके。

सूत्रधार: अगली बार जब आप जंगल में कोई धमाका सुनें, तो डरे नहीं। यह सिर्फ प्रकृति का अपना भौतिक विज्ञान (physics) है। सुरक्षित रहें और विज्ञान से जुड़े रहें!

 

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