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प्रतीक जैन: I-PAC के रणनीतिकार और ED-TMC विवाद का केंद्र

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SAURABH TRIPATHI

Jan 14, 2026 • 46 Views

प्रतीक जैन: I-PAC के रणनीतिकार और ED-TMC विवाद का केंद्र

 प्रतीक जैन: I-PAC के रणनीतिकार और ED-TMC विवाद का केंद्र

 प्रतीक जैन, जिन्हें अब तक केवल राजनीति के गलियारों और पर्दे के पीछे काम करने वाले रणनीतिकारों के रूप में जाना जाता था, हाल ही में तब चर्चा में आए जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके कोलकाता स्थित आवास और I-PAC के कार्यालयों पर छापेमारी की। यह छापेमारी न केवल एक कानूनी कार्रवाई थी, बल्कि इसने पश्चिम बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

(प्रतीक जैन की पृष्ठभूमि) रांची में पले-बढ़े प्रतीक जैन IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत Deloitte में एक विश्लेषक (analyst) के रूप में की थी। राजनीति और चुनावी प्रबंधन की दुनिया में उनका प्रवेश Citizens for Accountable Governance (CAG) के साथ हुआ, जिसने 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान को पूरी तरह बदल दिया था।

(I-PAC का उदय और प्रतीक की भूमिका) जब प्रशांत किशोर ने I-PAC की स्थापना की, तो प्रतीक इसके सह-संस्थापक बने, हालांकि वे हमेशा सुर्खियों से दूर रहे। 2021 के बंगाल चुनावों के बाद प्रशांत किशोर के हटने पर, प्रतीक जैन उन तीन निदेशकों में से एक बने जिनके हाथों में संस्था की पूरी कमान आ गई। आज वे I-PAC के संगठनात्मक आधार (fulcrum) हैं, जो चुनावी रणनीति, डेटा सिस्टम, और डिजिटल ऑपरेशंस के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के जमीनी फीडबैक तंत्र का प्रबंधन करते हैं।

(ED की छापेमारी और विवाद का कारण) ED की यह कार्रवाई अनुप माझी उर्फ लाला से जुड़े एक कथित कोयला तस्करी मामले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है। ED का आरोप है कि कोयला तस्करी से प्राप्त धन का उपयोग 2021-22 के दौरान गोवा विधानसभा चुनावों में I-PAC के अभियानों को समर्थन देने के लिए किया गया था।

(राजनीतिक प्रतिक्रिया) इस छापेमारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधे मैदान में उतार दिया। वे स्वयं I-PAC कार्यालय पहुंचीं और आरोप लगाया कि ED ने तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। उन्होंने मीडिया से कहा, "मैंने प्रतीक को फोन किया क्योंकि वह मेरी पार्टी के काम का प्रभारी है"।

(वर्तमान स्थिति) इस मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। प्रतीक जैन के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि छापेमारी के दौरान जरूरी दस्तावेज ले जाए गए, और अब यह मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष है। हालांकि, छापेमारी के अगले दिन I-PAC के कर्मचारियों ने बताया कि कार्यालय में स्थिति सामान्य है और प्रतीक जैन काम पर लौट आए हैं।

मुख्य बिंदु (Highlights):

  • शिक्षा: IIT बॉम्बे के छात्र।
  • करियर: Deloitte से शुरुआत, फिर CAG और I-PAC के सह-संस्थापक।
  • विवाद: कोयला तस्करी और गोवा चुनाव फंड से जुड़ी ED की जांच।
  • महत्व: ममता बनर्जी और TMC के लिए चुनावी रणनीति और डेटा प्रबंधन के मुख्य सूत्रधार।

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