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वर्ल्ड एथलेटिक्स की 'रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल' (RTP) में केवल दो भारतीय एथलीटों को शामिल

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ANUJ

Jan 02, 2026 • 23 Views

वर्ल्ड एथलेटिक्स की 'रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल' (RTP) में केवल दो भारतीय एथलीटों को शामिल

 

 भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। वर्ल्ड एथलेटिक्स की 'रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल' (RTP) में 2026 की पहली तिमाही के लिए केवल दो भारतीय एथलीटों को शामिल किया गया है। ये दो नाम हैं—दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा और उभरते हुए खिलाड़ी सचिन यादव

यह खबर इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि भारत पिछले तीन सालों से दुनिया भर में डोपिंग उल्लंघन के मामलों में सबसे आगे रहा है।

 

RTP क्या है और इसके नियम क्या हैं?

 यह पूल 'एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट' (AIU) द्वारा संचालित किया जाता है। इसमें शामिल एथलीटों को दुनिया के सबसे कड़ी निगरानी वाले खिलाड़ियों में गिना जाता है। इन खिलाड़ियों को अपनी सटीक 'लोकेशन' (whereabouts) की जानकारी देनी होती है और हर दिन 60 मिनट के एक निश्चित समय पर डोपिंग टेस्ट के लिए उपलब्ध रहना अनिवार्य होता है।

खिलाड़ियों का प्रदर्शन:

 नीरज चोपड़ा इस लिस्ट में एक स्थायी नाम रहे हैं। वहीं, सचिन यादव एक नए खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने 2025 विश्व चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल किया था। दिलचस्प बात यह है कि सचिन ने वहां 86.27 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर नीरज चोपड़ा और ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम को भी पीछे छोड़ दिया था। हालांकि, किशोर जेना और अविनाश साबले जैसे कई अन्य प्रमुख भारतीय एथलीटों को इस बार लिस्ट से बाहर कर दिया गया है।

भारत के लिए चिंता का विषय: 

वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डोपिंग के 260 पॉजिटिव मामले सामने आए, जो 3.6 प्रतिशत की दर है। यह दर दुनिया के किसी भी अन्य देश से दोगुनी है। तुलनात्मक रूप से देखें तो, इस लिस्ट में केन्या के 94 और अमेरिका के 69 एथलीट शामिल हैं, जबकि भारत से केवल दो।

यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना देख रहा है।

एक सरल उदाहरण (Analogy): इसे ऐसे समझें जैसे किसी स्कूल में बहुत से बच्चे परीक्षा में अनुचित साधनों (cheating) का उपयोग करते पकड़े जा रहे हों, लेकिन स्कूल के सबसे कठिन सरप्राइज टेस्ट (RTP) के लिए केवल दो ही होनहार छात्रों को चुना गया हो। यदि भारत को वैश्विक खेलों का बड़ा केंद्र बनना है, तो उसे अपनी खेल प्रणाली में पारदर्शिता और सफाई पर अधिक ध्यान देना होगा।

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