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ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व - निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी

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SAURABH TRIPATHI

Jan 04, 2026 • 58 Views

ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व - निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी

 ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व - निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी

 वेनेजुएला से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है, जहाँ अमेरिकी सेना ने एक नाटकीय सैन्य अभियान के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बाद मादुरो को हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क लाया गया है, जहाँ उन पर गंभीर आपराधिक मुकदमे चलाए जाएंगे।

 न्यूयॉर्क एयरबेस पर विमान का उतरना और मादुरो की पहली झलक :

 4 जनवरी की आधी रात को अमेरिकी वायुसेना का विमान न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा। विमान से बाहर निकलते समय वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो नीले रंग की जैकेट और हाथों में हथकड़ी पहने हुए दिखाई दिए। इस दौरान वे थोड़ा लंगड़ा कर चल रहे थे, लेकिन उन्होंने वहां मौजूद अमेरिकी अधिकारियों को 'हैप्पी न्यू ईयर' कहकर चौंका दिया।

 सैन्य ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' का विवरण :

 अमेरिका ने इस मिशन को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' का नाम दिया था, जिसकी योजना महीनों से बनाई जा रही थी। इस ऑपरेशन में 150 से अधिक विमान, जिनमें F-35 लड़ाकू विमान और B-1 बॉम्बर शामिल थे, तैनात किए गए थे। अमेरिकी स्पेशल डेल्टा फोर्स के जवानों ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम से घसीटकर अपनी हिरासत में लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस पूरे घटनाक्रम को सैन्य जनरलों के साथ बैठकर लाइव देखा।

 वेनेजुएला में राष्ट्रपति भवन के बाहर बख्तरबंद गाड़ियाँ :

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है। ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वेनेजुएला की कानून-व्यवस्था और उसके विशाल तेल संसाधनों की सुरक्षा के लिए एक विशेष अमेरिकी टीम काम करेगी।

 वैश्विक नेताओं के ट्वीट्स और बयान :

: इस कार्रवाई पर पूरी दुनिया दो हिस्सों में बँटी नजर आ रही है। जहाँ इजरायल और ब्रिटेन ने इसे स्वतंत्रता और न्याय की जीत बताया है, वहीं रूस, चीन और क्यूबा ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'राजकीय आतंकवाद' करार दिया है। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारत ने भी अपने नागरिकों को वेनेजुएला की यात्रा न करने की सलाह दी है।

निकोलस मादुरो को फिलहाल ब्रुकलिन के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और अगले हफ्ते उन पर ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के मामलों में मुकदमा शुरू होगा। वेनेजुएला से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर पर हमारी नजर बनी रहेगी。

 

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