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अपर्णा यादव और लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद वह विवादों के केंद्र में हैं

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SAURABH TRIPATHI

Jan 12, 2026 • 42 Views

अपर्णा यादव और लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद वह विवादों के केंद्र में हैं

अपर्णा यादव और लखनऊ अस्पताल विवाद: राजनीतिक सफर और हालिया घटनाक्रम

उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपर्णा यादव एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद वह विवादों के केंद्र में हैं,। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव पर आरोप है कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने कुलपति सोनिया नित्यानंद के कार्यालय में जबरन घुसने की कोशिश की और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया,।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब विश्वविद्यालय में एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा दो महिलाओं के कथित जबरन धर्म परिवर्तन और यौन शोषण का मामला सामने आया। अपर्णा यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर इस मामले को सही ढंग से न संभालने और महिला डॉक्टरों को आयोग से संपर्क करने से रोकने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि संस्थान के कर्मचारी पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन की धमकी दे रहे हैं।

कौन हैं अपर्णा यादव?

अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी और अखिलेश यादव की भाभी हैं,। उनकी शैक्षणिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि काफी समृद्ध है:

  • उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी, यूके से अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनीति में स्नातकोत्तर (Postgraduate) किया है।
  • वे लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से प्रशिक्षित एक शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय गायिका भी हैं।

राजनीतिक यात्रा: सपा से भाजपा तक

अपर्णा यादव ने अपना राजनीतिक सफर 2014 में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ शुरू किया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लखनऊ कैंट सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं। समय के साथ, वे भाजपा की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की ओर आकर्षित हुईं और 2022 के चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गईं।

सितंबर 2024 में, उन्हें राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। हालांकि सूत्रों का कहना है कि वह पार्टी में किसी बड़ी जिम्मेदारी की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद उन्होंने यह पद स्वीकार कर लिया।

भविष्य की महत्वाकांक्षाएँ

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि 36 वर्षीय अपर्णा यादव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने या टिकट पाने की तैयारी कर रही हैं। वह अक्सर सार्वजनिक मंचों पर मुखर रही हैं और भाजपा की योजनाओं के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करती रही हैं। KGMU की घटना के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की है, जो उनके सक्रिय राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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