Menu
Select Language
EN
HI

कानपुर: सपा विधायक अमिताभ बाजपेई का कटाक्ष, बेटे को टिकट दिलाने को लेकर सांसद और महापौर आमने-सामने

S

SAURABH TRIPATHI

Jan 02, 2026 • 35 Views

कानपुर: सपा विधायक अमिताभ बाजपेई का कटाक्ष, बेटे को टिकट दिलाने को लेकर सांसद और महापौर आमने-सामने

कानपुर नगर निगम में सत्तारूढ़ दल के पांच पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों का मामला गुरुवार को और गरमा गया, जब इस पर समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई की प्रतिक्रिया सामने आई। विधायक ने साफ कहा कि नगर निगम के कामकाज में उन्हें कोई बड़ी खामी नजर नहीं आती और जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे दरअसल भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा हैं।

इस मुद्दे पर बातचीत के दौरान सपा विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि मौजूदा विवाद की असली वजह सांसद और महापौर के बीच चल रही खींचतान है। उनका कहना था कि यह टकराव इस बात को लेकर है कि किस नेता के बेटे को चुनावी टिकट मिलेगा

सदन हंगामे से शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि 26 दिसंबर को नगर निगम की सदन बैठक के दौरान भारी हंगामा हुआ था। कार्यवाही बाधित होने के बाद महापौर प्रमिला पांडेय ने दो पार्षदों—पवन पांडेय और अंकित मौर्या—को आगामी चार बैठकों से बाहर कर दिया था।

इसी बीच सपा विधायक अमिताभ बाजपेई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे कहते नजर आए कि नगर निगम में सब कुछ सामान्य है और कुछ पार्षद अपनी ही पार्टी के आंतरिक झगड़ों में उलझकर आरोप लगा रहे हैं।

“किसी को सही-गलत नहीं ठहराऊंगा”

विधायक ने कहा कि जब पहले भ्रष्टाचार की बात उठाई गई थी, तब यही पार्षद उसे नकार रहे थे। अब अचानक वे उसी सुर में बात क्यों करने लगे हैं, यह सवाल खड़ा करता है। उन्होंने दो टूक कहा कि यह पूरी तरह से भाजपा की आपसी राजनीति का मामला है और वे इसमें किसी को सही या गलत ठहराने नहीं जा रहे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी पार्टी के भीतर टिकट दिलाने की लड़ाई का हिस्सा नहीं हैं।

महापौर और सांसद का पक्ष

इस मामले में सांसद रमेश अवस्थी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन न तो उनका कॉल रिसीव हुआ और न ही संदेश का जवाब मिला।

वहीं महापौर प्रमिला पांडेय ने सपा विधायक के गुटबाजी वाले बयान की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में विधायक ने नगर निगम के कामकाज को ठीक बताया है। महापौर ने यह भी बताया कि जिन पार्षदों पर गुटबाजी का आरोप है, उनके खिलाफ उन्होंने संगठन स्तर पर शिकायत दर्ज करा दी है।

 

 

 

 

 

 

 

Discussion