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ट्रंप का नया 'ईरान टैरिफ' और भारतीय निर्यातकों पर संकट

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SAURABH TRIPATHI

Jan 13, 2026 • 11 Views

ट्रंप का नया 'ईरान टैरिफ' और भारतीय निर्यातकों पर संकट

 आज की बड़ी खबर अमेरिका से है, जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ा फैसला लेते हुए उन सभी देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है जो ईरान के साथ व्यापार कर रहे हैं,,। ट्रंप का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसे अंतिम माना जा रहा है। भारत के लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि हमारे चाय और चावल निर्यातक पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।"

"ट्रंप प्रशासन का यह कदम ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और वहां की सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई हिंसा के जवाब में उठाया गया है,। आंकड़ों के अनुसार, भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025 में घटकर लगभग 1.6 बिलियन डॉलर रह गया है,। यदि हम कोविड-19 से पहले के समय को देखें, तो यह व्यापार करीब 15 बिलियन डॉलर का था, जो मुख्य रूप से ईरान से कच्चे तेल के आयात पर निर्भर था।

भारतीय बाजार के लिए स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि:

  • भारत पहले से ही 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना कर रहा है, जिसने श्रम-गहन निर्यात (labour-intensive exports) को प्रभावित किया है।
  • चाय निर्यातक विशेष रूप से चिंतित हैं क्योंकि ईरान भारतीय 'ऑर्थोडॉक्स' चाय का एक बड़ा बाजार रहा है।
  • पाकिस्तान और रूस जैसे अन्य प्रमुख बाजारों में भी पाबंदियों के कारण भारतीय चाय निर्यातक पहले से ही दबाव में हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया (TruthSocial) पर स्पष्ट किया कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए यह भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान में गिरती मुद्रा (Rial) और बढ़ती महंगाई के कारण भड़के विरोध प्रदर्शनों में अब तक 544 लोगों की जान जा चुकी है, जिसके बाद अमेरिका ने यह सख्त रुख अपनाया है।"

(न्यूज एंकर): "विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए यह स्थिति एक दोहरी मार की तरह है, जहाँ एक तरफ अंतरराष्ट्रीय पाबंदियां बढ़ रही हैं और दूसरी तरफ ईरान के साथ पारंपरिक व्यापारिक संबंध खतरे में हैं,। अब देखना यह होगा कि भारत सरकार इन नई चुनौतियों से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है।"

एक सरल तुलना (Analogy): ईरान के साथ व्यापार करना अब एक ऐसे महंगे टोल प्लाजा से गुजरने जैसा है, जहाँ न केवल आपको वहां जाने की फीस देनी पड़ रही है, बल्कि उस रास्ते को चुनने की वजह से आपके सबसे बड़े व्यापारिक ग्राहक (अमेरिका) ने भी आप पर भारी जुर्माना लगा दिया है।

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