Menu
Select Language
EN
HI

तमिलनाडु में 30 लाख नौकरियों पर संकट: ट्रम्प टैरिफ और बजटीय मुद्दों पर राज्य की चिंता

S

SAURABH TRIPATHI

Jan 11, 2026 • 18 Views

तमिलनाडु में 30 लाख नौकरियों पर संकट: ट्रम्प टैरिफ और बजटीय मुद्दों पर राज्य की चिंता

तमिलनाडु में 30 लाख नौकरियों पर संकट: ट्रम्प टैरिफ और बजटीय मुद्दों पर राज्य की चिंता

 हाल ही में हुई बजट-पूर्व परामर्श बैठक में तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने केंद्र सरकार के सामने राज्य की गंभीर आर्थिक चुनौतियों को रखा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो राज्य में 30 लाख नौकरियां सीधे तौर पर खतरे में पड़ सकती हैं,।

(मुख्य समाचार):

  • अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव: वित्त मंत्री ने बताया कि अमेरिका द्वारा हाल ही में बढ़ाए गए व्यापार शुल्क (tariffs) का तमिलनाडु की निर्यात-उन्मुख अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। राज्य के कुल माल निर्यात का 31% हिस्सा अकेले अमेरिकी बाजार में जाता है, जिससे तमिलनाडु अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रभावित हो रहा है।
  • कपड़ा (Textile) क्षेत्र पर संकट:
  •  तमिलनाडु भारत के कुल कपड़ा निर्यात का 28% हिस्सा संभालता है और इसमें 75 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। मंत्री के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों के कारण MSME इकाइयों के बंद होने और लाखों लोगों के बेरोजगार होने का डर है। उन्होंने इस क्षेत्र के लिए एक "विशेष सहायता पैकेज" और ब्याज छूट (interest subvention) की मांग की है,।
  • फंडिंग और उधारी की समस्या: 
  • राज्य ने शिकायत की है कि चेन्नई मेट्रो चरण-II जैसी परियोजनाओं के लिए केंद्र से मिलने वाले फंड में देरी हो रही है। तमिलनाडु ने पहले ही केंद्र के हिस्से के रूप में लगभग 9,500 करोड़ रुपये अग्रिम दिए हैं, जिससे राज्य की उधारी सीमा (borrowing capacity) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
  • GST और राजस्व घाटा: तमिलनाडु को चालू वित्त वर्ष में जीएसटी (GST) मुआवजे के अंत के कारण लगभग 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा, केंद्र द्वारा लगाए जा रहे सेस (cess) और अधिभार (surcharge) से राज्यों को उनके संवैधानिक हिस्से से वंचित रखा जा रहा है।
  • कल्याणकारी योजनाओं में रुकावट: 
  • मंत्री थेनारासु ने यह भी स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के तहत सितंबर 2024 से कोई फंड जारी नहीं किया गया है। साथ ही, समग्र शिक्षा योजना के तहत 3,548 करोड़ रुपये रोके जाने से 44 लाख छात्र और 2.4 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।

(निष्कर्ष): तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से कोयंबटूर और मदुरै मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी देने और औद्योगिक गलियारों में रेलवे निवेश बढ़ाने की भी अपील की है,। अब यह देखना होगा कि आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया होती है।

एक छोटा सा उदाहरण (Analogy):

 यह स्थिति वैसी ही है जैसे एक बड़े कारखाने (तमिलनाडु) ने अपने उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा एक ही ग्राहक (अमेरिका) को बेचने का भरोसा किया हो, और अचानक वह ग्राहक अपनी शर्तें बदल दे, जिससे कारखाने के मजदूरों और बजट पर भारी दबाव आ जाए।

Discussion